10 दोस्त, 15 साल बाद एक तस्वीर - दोस्ती की असली कहानी | Nitin Lakade Indore
10 दोस्त, 15 साल बाद एक तस्वीर - दोस्ती की असली कहानी ये तस्वीर सिर्फ 10 लड़कों की नहीं, एक पूरी जिंदगी की है। ये तस्वीर सिर्फ 10 लड़कों की नहीं है। ये उस ग्रुप की तस्वीर है जिसका व्हाट्सएप ग्रुप कभी म्यूट नहीं हुआ। जिसमें कभी कोई प्लान पूरा नहीं होता, पर जब होता है तो जिंदगी याद रखती है। कहानी शुरू होती है इंदौर की एक गली से सब एक ही मोहल्ले में बड़े हुए। एक के घर टीवी देखना, दूसरे की साइकिल से स्कूल जाना, तीसरे के टिफिन पर लड़ना। फिर जिंदगी ने सबको खींच लिया। कोई इंजीनियर बन गया, कोई अपनी दुकान संभाल रहा है, कोई बाहर चला गया। किसी की दाढ़ी में सफेदी आ गई, किसी का पेट निकल आया। 15 साल तक सिर्फ फोन पर "कब मिलना है बे?" बोलते रहे। फिर एक दिन एक दोस्त ने बोला - "बहुत हुआ, इस बार नहीं आया तो ग्रुप से निकाल दूंगा।" और देखिए, 10 के 10 आ गए। कोई लाल शर्ट में, कोई कुर्ते में, कोई चश्मा लगा के। पर दिल वही 10वीं क्लास वाला। इस फोटो में जो बीच में बैठा है न भगवा गमछे वाला? उसने बोला - "यार पैसा सबने कमा लिया, पर सुकून तो इन्हीं...