कम्प्यूटर और इन्टरनेट | इन्टरनेट को मानवाधिकार बनाने का अर्थ
इन्टरनेट को मानवाधिकार बनाने का अर्थ आज के दौर में विचारों के संप्रेषण का सबसे स्वतंत्र और द्रुतगामी माध्यम है इंटरनेट। संचार के लिहाज़ से देखा जाये तो इन्टरनेट हमारे समाज की समाज की एक बड़ी आवश्यकता के रूप में उभर रहा है। फिर चाहे वो करप्शन के खिलाफ आवाज उठाने का साधन रहा हो, कार्यपालिका में पारदर्शिता लाने की बात हो या फिर सामाजिक क्रांति की, समय समय पर इन्टरनेट ने अपना रोल अदा करके यह साबित किया है की आने वाले समय में सूचना समाज की एक नई संकल्पना में इन्टरनेट का ही वर्चस्व रहेगा। संयुक्त राष्ट्र संघ की एक रिपोर्ट के अनुसार इन्टरनेट सेवा से लोगों को वंचित करना और ऑनलाइन सूचनाओं के मुक्त प्रसार में बाधा पहुँचाना मानवाधिकारों के उल्लघंन की श्रेणी में माना जाएगा संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि फ़्रैंक ला रू ने ये रिपोर्ट विचारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के प्रसार और संरक्षण के अधीन तैयार की है। यानि हम कह सकते हैं कि इन्टरनेट आने वाले समय में संविधान सम्मत और मानवीय अधिकारों का एक प्रतिनिधि बन कर उभरेगा इसी कड़ी में फिनलैंड ने विश्व के सभी देशों के समक...