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बधाई इंदौर! शुद्ध हवा-पानी, गौरैया, गिद्ध और कौवे गायब करने के बाद अब हमने बारिश भी गायब कर दी

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📢 बधाई इंदौर!  शुद्ध हवा-पानी, गौरैया, तीतर, गिद्ध और कौवे गायब करने के बाद अब हमने बारिश भी गायब कर दी...बधाई हो इंदौर।  हमने एक और उपलब्धि हासिल कर ली है। कभी जिस इंदौर की पहचान औसत से ज्यादा बारिश वाले शहर की थी, जहां बारिश के आंकड़े अक्सर सामान्य से ऊपर जाकर राहत देते थे, इस बार मानसून विदा हो गया और इंदौर को औसत से करीब 13 इंच कम बारिश देकर गया।यानी अब बात अधिक बारिश की नहीं है। हम औसत बारिश भी पूरी नहीं कर पा रहे।विकास जारी है, पर क्या कीमत पर?पहले हमने शुद्ध हवा कम की। फिर शुद्ध पानी कम होता गया। गौरैया कम होती गईं। तीतर दिखाई देना मुश्किल हुआ। गिद्ध लगभग गायब हो गए। कौवों की आवाज भी पहले जैसी नहीं रही। पेड़ कम हुए। खुली जमीन कम हुई। तालाब और प्राकृतिक जलस्रोत दबाव में आए और अब लगता है बारिश ने भी इंदौर से दूरी बनानी शुरू कर दी है।कभी बारिश का मतलब सिर्फ आसमान से गिरता पानी नहीं था। बारिश आती थी तो तालाब भरते थे। कुएं भरते थे। जमीन पानी सोखती थी।आज स्थिति कुछ अलग है बारिश ज्यादा हुई तो जलभराव। बारिश कम हुई तो जलसंकट। बारिश कुछ दिनों में ज्यादा गिर गई तो बाढ़ जैसी स्थित...

Lal Bahadur Shastri Jayanti : Jai Jawan Jai Kisan Ki Amar Kahani

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लाल बहादुर शास्त्री: कद छोटा, पर चरित्र सबसे ऊँचा इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनकी पहचान उनके कद से नहीं, बल्कि उनके चरित्र से होती है। लाल बहादुर शास्त्री जी ऐसे ही व्यक्तित्व थे। मात्र पाँच फीट दो इंच की साधारण काया, सादा पहनावा और शांत चेहरा—लेकिन भीतर ऐसा आत्मबल, जिसने कठिन समय में पूरे भारत का नेतृत्व किया। 2 अक्टूबर केवल महात्मा गांधी जी की जयंती नहीं है, यह उस महान राष्ट्रनायक की जन्मतिथि भी है, जिसने भारत को एक अमर मंत्र दिया— “जय जवान, जय किसान।” सादगी के पीछे की दृढ़ता कहाँ से आई? शास्त्री जी का बचपन अभावों में बीता। 1904 में मुगलसराय में जन्मे लाल बहादुर ने बहुत छोटी उम्र में अपने पिता को खो दिया। इसी दौर में महर्षि दयानन्द सरस्वती की पुस्तक ‘सत्यार्थ प्रकाश’ से उनका परिचय हुआ। आर्यसमाज के विचारों ने उनके जीवन में सत्य, स्वावलम्बन और समानता को दृढ़ किया। सिद्धांतों को जीवन में उतारना - दहेज और इस्तीफा जब उनका विवाह ललिता देवी जी से हुआ, तब उन्होंने दहेज लेने से इनकार कर दिया। केवल एक चरखा और कुछ सूत स्वीकार किया। 1956 में अरियालूर रेल दुर्घटना ...

महाकाल का चमत्कार उज्जैन में : दूध अभिषेक के समय हुई 3 सच्ची घटनाएँ | Nitin Lakade Ujjain

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  चित्र: महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पर दूध अभिषेक - जैसा आपकी फोटो में है 🔱 महाकाल का चमत्कार उज्जैन में: जब अभिषेक करते ही बदल गई किस्मत ये कहानी नहीं, उज्जैन में घटी 3 सच्ची घटनाएं हैं जय श्री महाकाल! जैसा आप इस फोटो में देख रहे हैं, उज्जैन में जब कोई भक्त सच्चे मन से महाकाल का दूध से अभिषेक करता है, तो महाकाल उसकी पुकार जरूर सुनते हैं। कहते हैं यहाँ काल भी आकर रुक जाता है। आज आपको 3 ऐसी सच्ची घटनाएं बता रहा हूँ जो स्थानीय पुजारियों और भक्तों ने खुद देखी हैं। 1. इंदौर के बेटे की वाणी लौट आई - 2022 की घटना इंदौर 09 के एक परिवार का 4 साल का बेटा 8 महीने से बोल नहीं पा रहा था। सभी डॉक्टरों को दिखा लिया। आखिरी उम्मीद में परिवार उज्जैन आया। पिता ने लगातार 3 दिन तक सुबह इसी तरह दूध से अभिषेक किया। तीसरे दिन गर्भगृह के पुजारी ने खुद देखा कि शिवलिंग से बहता हुआ दूध हल्का सुनहरा हो गया और पूरे मंदिर में दिव्य सुगंध फैल गई। उसी रात बच्चे ने पहली बार 'माँ' कहा। आज भी वो परिवार हर महीने उज्जैन आता है। 2. 500 साल तक बिना मंदिर के भी चलता रहा अभिषेक इतिहास में दर्ज है, 1235 म...

राजवाड़ा का आखिरी केस - संजू और नितिन की इंदौर सराफा मिस्ट्री | Indore 09

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  राजवाड़ा का आखिरी केस SANJU X NITIN | INDORE SARFA UNDERCOVER MISSION Right: नितिन (मैं) Left: संजू लोकेशन: इंदौर राजवाड़ा, सराफा बाजार टाइम: रात 2:13 AM इंदौर का सराफा बंद हो चुका था। बारिश होकर रुकी थी। राजवाड़ा की लाइटें पीली पड़ रही थीं। मैं नितिन और मेरा जिगरी दोस्त संजू काले सूट में राजवाड़ा के सामने खड़े थे। लोगों को लगा हम किसी फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं, पर असली कहानी कुछ और थी। 1. शर्मा किराना का काला बैग शाम को शर्मा किराना वाले ने हमें बुलाया। बोला - "नितिन भाई, पिछले 3 दिन से हर रात 2 बजे एक काली Ambassador (MP - INDORE नंबर प्लेट) मेरी दुकान के सामने आकर रुकती है, 2 मिनट में चली जाती है।" संजू ने बोला - "आज रात पकड़ते हैं!" "संजू, याद रखना... कार आते ही कोई हरकत मत करना, सिर्फ नंबर नोट करना है" - मैंने धीरे से कहा। 2. रात 2:13 बजे - वो आई! ठीक 2:13 पर वही काली Ambassador धुंए के साथ आई। इस फोटो वाली जगह पर रुकी। अंदर से कोई बाहर नहीं आया। सिर...

रात 12 बजे उस बंगले में 10 दोस्तों के साथ क्या हुआ? - खौफनाक सच्ची कहानी | Nitin Friends

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  🏚️👁️ रात 12 बजे उस बंगले में क्या हुआ? नितिन और उसकी गैंग की सबसे डरावनी रात उस रात मौजूद थे: ⭐ नितिन (मैं) पप्पू राहुल संजू वरुण सुभाष रितेश धीरज ओम पप्पू काला सुभाष की बर्थडे पार्टी खत्म होने के बाद हम 10 दोस्त बाइक से घर जा रहे थे। रात के 11:45 बज रहे थे। विजय नगर के पीछे वाले सुनसान रास्ते पर वरुण की बाइक पंचर हो गई। सामने एक पुराना, बंद पड़ा बंगला था। राहुल बोला - "चलो थोड़ी देर वहीं रुकते हैं।" पप्पू काला ने मना किया - "भाई, इस बंगले के बारे में बहुत कहानियां सुनी हैं!" 1. बंगले के अंदर मैं (नितिन) टॉर्च लेकर आगे बढ़ा। पीछे संजू, ओम और धीरज थे। बंगले का गेट अपने आप चर्र... करके खुल गया। अंदर घुप्प अंधेरा। पप्पू ने मजाक में कहा - "भूत होगा तो पप्पू काला से डर के भाग जाएगा!" "श...! आवाज सुनो..." - सुभाष ने फुसफुसा कर कहा। ऊपर वाले कमरे से किसी के चलने की आवाज आ रही थी। 2. 12 बजते ही... जैसे ही मेरे मोबाइल में 12:00 बजा, बंगले की स...

दोस्तों ने मिलकर पार्टी में धूम मचा दी - नितिन और उसकी गैंग की मजेदार कहानी | Nitin

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  दोस्तों ने मिलकर पार्टी में धूम मचा दी! 🎉 इंदौर - नितिन और उसकी गैंग की कहानी आज के हीरो: ⭐ नितिन (मैं) पप्पू राहुल संजू वरुण सुभाष रितेश धीरज ओम पप्पू काला विजय नगर में सुभाष की बर्थडे पार्टी थी। DJ लगा था, लाइटें चमक रही थीं, पर डांस फ्लोर खाली पड़ा था। सब लोग बिरयानी की प्लेट पकड़ कर कोने में खड़े थे। मैंने देखा, मेरी पूरी गैंग - पप्पू, राहुल, संजू, वरुण, रितेश, धीरज, ओम और पप्पू काला सब बोर हो रहे हैं। मैंने आँख मारी और बोला - "चलो, धूम मचाते हैं!" 1. प्लान बना वरुण DJ के पास गया और बोला "भाई 'काला चश्मा' लगा।" राहुल ने लाइट वाले को इशारा किया। संजू ने सब आंटियों को बोला "आंटी थोड़ा साइड हो जाओ, शो शुरू होने वाला है!" मैं (नितिन) बीच में आया और चिल्लाया - "भाईयो, खाना बाद में, पहले पप्पू का डांस!" 2. धमाका शुरू सबसे पहले पप्पू ने अपना पेट हिलाकर डांस शुरू किया, सब हँस-हँस के लोटपोट! फिर पप्पू काला ने अपना काला चश्मा पहना और ब्रे...

PRIVACY या परिवार? मुश्किल वक्त में कौन काम आता है? Nitin Lakade Indore

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PRIVACY या परिवार? एक लड़का था… बहुत खुश रहता था कि उसकी जिंदगी में किसी की दखल नहीं है। उसका कमरा अलग, उसका मोबाइल अलग, उसकी परेशानियाँ अलग… और उसकी एक ही सोच थी— “मेरी जिंदगी है, मुझे पता है मुझे क्या करना है।” पर एक दिन जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जब उसे सच में किसी अपने की जरूरत पड़ी। दोस्त व्यस्त थे… सोशल मीडिया पर सैकड़ों लोग जुड़े थे, लेकिन मुश्किल समय में फोन करने वाला कोई नहीं था। तभी उसकी नजर माँ पर पड़ी। माँ ने कुछ पूछा नहीं… बस उसके पास बैठ गई। भाई ने बिना किसी सवाल के हाथ पकड़ लिया। Privacy जरूरी है, लेकिन रिश्तों से दूरी बनाना समझदारी नहीं है। हर बात सबको बताना जरूरी नहीं, लेकिन ऐसा भी मत कीजिए कि मुश्किल वक्त में आपके पास अपना कहने वाला कोई न बचे। क्योंकि जिंदगी के अच्छे दिनों में बहुत लोग आपके साथ दिखाई देते हैं… लेकिन असली अपने वही हैं, जो आपके बुरे वक्त में बिना बुलाए आपके पास खड़े हो जाते हैं। सोचिए… आपकी Privacy के पीछे आपका अपना परिवार है, या आपकी Privacy ने आपको परिवार से ह...