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PRIVACY या परिवार? मुश्किल वक्त में कौन काम आता है? Nitin Lakade Indore

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PRIVACY या परिवार? एक लड़का था… बहुत खुश रहता था कि उसकी जिंदगी में किसी की दखल नहीं है। उसका कमरा अलग, उसका मोबाइल अलग, उसकी परेशानियाँ अलग… और उसकी एक ही सोच थी— “मेरी जिंदगी है, मुझे पता है मुझे क्या करना है।” पर एक दिन जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जब उसे सच में किसी अपने की जरूरत पड़ी। दोस्त व्यस्त थे… सोशल मीडिया पर सैकड़ों लोग जुड़े थे, लेकिन मुश्किल समय में फोन करने वाला कोई नहीं था। तभी उसकी नजर माँ पर पड़ी। माँ ने कुछ पूछा नहीं… बस उसके पास बैठ गई। भाई ने बिना किसी सवाल के हाथ पकड़ लिया। Privacy जरूरी है, लेकिन रिश्तों से दूरी बनाना समझदारी नहीं है। हर बात सबको बताना जरूरी नहीं, लेकिन ऐसा भी मत कीजिए कि मुश्किल वक्त में आपके पास अपना कहने वाला कोई न बचे। क्योंकि जिंदगी के अच्छे दिनों में बहुत लोग आपके साथ दिखाई देते हैं… लेकिन असली अपने वही हैं, जो आपके बुरे वक्त में बिना बुलाए आपके पास खड़े हो जाते हैं। सोचिए… आपकी Privacy के पीछे आपका अपना परिवार है, या आपकी Privacy ने आपको परिवार से ह...

10 दोस्त, 15 साल बाद एक तस्वीर - दोस्ती की असली कहानी | Nitin Lakade Indore

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  10 दोस्त, 15 साल बाद एक तस्वीर - दोस्ती की असली कहानी ये तस्वीर सिर्फ 10 लड़कों की नहीं, एक पूरी जिंदगी की है। ये तस्वीर सिर्फ 10 लड़कों की नहीं है। ये उस ग्रुप की तस्वीर है जिसका व्हाट्सएप ग्रुप कभी म्यूट नहीं हुआ। जिसमें कभी कोई प्लान पूरा नहीं होता, पर जब होता है तो जिंदगी याद रखती है। कहानी शुरू होती है इंदौर की एक गली से सब एक ही मोहल्ले में बड़े हुए। एक के घर टीवी देखना, दूसरे की साइकिल से स्कूल जाना, तीसरे के टिफिन पर लड़ना। फिर जिंदगी ने सबको खींच लिया। कोई इंजीनियर बन गया, कोई अपनी दुकान संभाल रहा है, कोई बाहर चला गया। किसी की दाढ़ी में सफेदी आ गई, किसी का पेट निकल आया। 15 साल तक सिर्फ फोन पर "कब मिलना है बे?" बोलते रहे। फिर एक दिन एक दोस्त ने बोला - "बहुत हुआ, इस बार नहीं आया तो ग्रुप से निकाल दूंगा।" और देखिए, 10 के 10 आ गए। कोई लाल शर्ट में, कोई कुर्ते में, कोई चश्मा लगा के। पर दिल वही 10वीं क्लास वाला। इस फोटो में जो बीच में बैठा है न भगवा गमछे वाला? उसने बोला - "यार पैसा सबने कमा लिया, पर सुकून तो इन्हीं...

किताब vs ChatGPT: बच्चों की पढ़ाई के लिए कौन बेहतर है? | Nitin Lakade

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किताब vs ChatGPT: बच्चों की पढ़ाई के लिए कौन बेहतर है? हर माँ-बाप ये सोच रहा है कि क्या ChatGPT से पढ़ाई करना सही है? जब बच्चे को कोई सवाल नहीं आता तो क्या उसे किताब पलटनी चाहिए या सीधा ChatGPT से पूछना चाहिए। इस ब्लॉग में आप जानेंगे:किताब पढ़ने के फायदे जो AI नहीं दे सकता ChatGPT से पढ़ाई के 3 बड़े फायदे बच्चों के लिए AI का नुकसान मेरा आज़माया हुआ तरीका - 10 मिनट किताब + 5 मिनट ChatGPT रूल अगर आप Indore, Hatod के पेरेंट हैं और अपने बच्चे की पढ़ाई को लेकर कन्फ्यूज हैं, तो ये ब्लॉग आपके लिए है।

सेठ ने किया कृष्ण को बंद! फिर आधी रात को हुआ चमत्कार | Nitin Lakade

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 ताले में बंद कृष्ण 😲🔒 एक गांव में एक सेठ रहता था। बड़ा ही कंजूस। उसके घर में एक छोटा सा मंदिर था, उसमें बाल-गोपाल की एक प्यारी सी मूर्ति थी। सेठ रोज सुबह अगरबत्ती घुमाकर चला जाता। पर सेठ को एक अजीब आदत थी। वह अपने सोने के सिक्के भी उसी मंदिर में, कृष्ण की मूर्ति के पीछे छुपाकर रखता था। वह सोचता था - "यहां किसकी नजर पड़ेगी, ये तो पत्थर है।" एक दिन गांव में खबर फैली कि डाकू आने वाले हैं। सेठ घबरा गया। उसने सारे सिक्के समेटे और सोचने लगा - कहाँ छुपाऊं? तभी उसकी नजर मंदिर के छोटे से दरवाजे पर पड़ी। उसमें कुंडी लगी थी। सेठ ने सारे सिक्के मंदिर के अंदर रख दिए, मूर्ति के ठीक सामने। और फिर बाहर से कुंडी लगाकर उस पर एक बड़ा ताला लगा दिया! उसकी पत्नी ने कहा - "अरे! ये क्या कर रहे हो? अंदर कान्हा है, उसे बंद कर दिया?" सेठ हंसा - "अरे पगली, ये पत्थर का है, इसे सांस थोड़ी आती है। ताले में रहेगा तो चोरों से बच जाएगा। मैं तो सिक्कों को बचा रहा हूं।" रात हो गई। डाकू नहीं आए। सेठ चैन से सो गया।पर आधी रात को उसे मंदिर से खट-खट की आवाज आने लगी। जैसे कोई अंदर से दरवाजा पीट...

कड़वा है पर सच है - Nitin Lakade | Kadwa Hai Par Sach Hai

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जिंदगी में एक बात हमेशा याद रखना, सच हमेशा कड़वा ही होता है।दोस्तों, आजकल लोग मीठा झूठ सुनना ज्यादा पसंद करते हैं। अगर आप किसी को उसकी गलती पर सच बोलोगे तो वो आपसे नफरत करने लगेगा। यही आज की सबसे बड़ी सच्चाई है। कड़वा है पर सच है - इसका मतलब क्या है? इसका मतलब ये है कि सच सुनने की हिम्मत हर किसी में नहीं होती। लोग तारीफ सुनना चाहते हैं, पर सुधार की बात कोई नहीं सुनना चाहता। अगर आप जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हो तो कड़वी बातों को भी सुनना सीखो, क्योंकि वही आपको आगे ले जाएंगी। आपको क्या लगता है? क्या सच में सच हमेशा कड़वा होता है?  Comment में जरूर बताना।

Nitin Lakade Indore - सबको खुश रखने की कोशिश मत करो | Mahadev Motivation

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🚩  || जय श्री महाकाल ||   🚩 कोशिश - Nitin Lakade, Indore जीवन में हम सबको खुश रखने की कोशिश करते हैं, लेकिन ये संभव नहीं है। भगवान शिव कहते हैं - अपना कर्म करो, सही रास्ते पर चलो। कोशिश - छोटा शब्द है पर इसमें जीवन छुपा है। सबको खुश रखने की कोशिश मत करो, ऐसा करके तुम सिर्फ अपना वक्त बर्बाद करोगे और दूसरों की उम्मीदें बढ़ाओगे। महादेव कहते हैं - कर्म करो, फल की चिंता मत करो। जीवन में 3 बातें याद रखो: कोशिश: कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। सच: हमेशा सच के रास्ते पर चलो। महादेव: जो किस्मत में है, वो महादेव देगा। कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। महादेव भी यही सिखाते हैं। अगर आप सबको खुश करने में लगे रहोगे, तो खुद दुखी हो जाओगे। इसलिए जो सही है, वही करो।  हर हर महादेव! अगर ये बात दिल को छू गई तो Comment में Har Har Mahadev जरूर लिखें।

मिट्टी से पहचान तक - मैं नितिन लकड़े, प्रजापत नगर इंदौर से

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नमस्कार, मैं नितिन लकड़े। प्रजापत नगर इंदौर का रहने वाला हूँ। आप सोच रहे होंगे मैं ब्लॉग क्यों लिख रहा हूँ? हम प्रजापत नगर में रहते हैं, स्वच्छ भारत को आकार देना हमारा काम है। मेरे दादा कहते थे - बेटा, मिट्टी कभी खराब नहीं होती, बस उसे सही हाथ चाहिए। यही बात मैं सिरपुर तालाब पर देखता हूँ। लोग उसे गंदा कहते हैं, पर मैं उसमें आने वाले कल का सुंदर इंदौर देखता हूँ। इसीलिए मैंने ये ब्लॉग शुरू किया है।  यहाँ मैं लिखूंगा: प्रजापत नगर की हर छोटी-बड़ी खबर सिरपुर तालाब को बचाने की हमारी कोशिश और रोज एक अच्छी बात जो आपके दिन को अच्छा बना देये सिर्फ मेरा ब्लॉग नहीं है, ये हम सब प्रजापत नगर वालों का ब्लॉग है। अगर आप प्रजापत नगर या सिरपुर तालाब के पास रहते हैं, तो कमेंट में जरूर बताइए। आपका अपना नितिन लकड़े - Nitin Lakade प्रजापत नगर, इंदौर