सब कुछ होते हुए भी हम दुखी क्यों हैं? | प्रेरणादायक हिंदी कहानी | जो है उसकी कीमत समझो | Nitin Lakade
शीर्षक: गरीब माली और राजा का सबसे बड़ा सबक एक बहुत बड़े राज्य का राजा था। उसके पास धन-दौलत की कोई कमी नहीं थी। विशाल महल, हजारों सैनिक, सोने-चाँदी के खजाने और अनगिनत सेवक—सब कुछ था। लेकिन राजा की एक आदत बहुत खराब थी। उसे लगता था कि दुनिया में पैसे से सब कुछ खरीदा जा सकता है। राजा अक्सर अपने मंत्रियों से कहता— “जिसके पास धन है, उसके पास सम्मान है। जिसके पास धन नहीं, उसका कोई मूल्य नहीं।” मंत्री राजा की हर बात में हाँ मिलाते थे। क्योंकि कोई भी राजा को नाराज़ नहीं करना चाहता था। महल के पीछे एक बहुत सुंदर बगीचा था। उस बगीचे की देखभाल एक बूढ़ा माली करता था, जिसका नाम हरिदास था। हरिदास गरीब था। उसके कपड़े साधारण थे और उसका छोटा-सा घर था। लेकिन वह हमेशा खुश रहता था। वह सुबह सूरज निकलने से पहले बगीचे में पहुँच जाता। फूलों को पानी देता, सूखे पौधों को हटाता और नए पौधे लगाता। वह पौधों से ऐसे बातें करता था, जैसे वे उसके अपने बच्चे हों। एक दिन राजा बगीचे में घूम रहा था। उसने देखा कि हरिदास एक छोटे-से पौधे के पास बैठा मुस्कुरा रहा है। राजा ने पूछा— “हरिदास, तुम्हारे पास न धन है, न बड़ा घर, न कीमती ...