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Showing posts from 2025

मनुष्य ईश्‍वर की अनमोल कृति - Man is Gods Precious Creation

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मनुष्य ईश्‍वर की अनमोल कृति Man is Gods precious creation जो बीत चुका है, उस पर विलाप करने से क्या लाभ और जो अभी उपस्थित नहीं है उसकी कल्पना के जाल क्यों बुनना? माह बीत जाता है कैलेण्डर से पन्ना फाड़ देते हैं, वर्ष बीत जाता है तो कैलेण्डर को ही हटा देते हैं, लेकिन व्यक्ति अपने भीतर पलने वाली उत्तेजना को, अनर्गल विचारों को, दूसरों के प्रति होने वाले वैमनस्य को हटा नहीं पाता। यह भय और आशंका हमारे साहस, आत्मविश्‍वास व इच्छाशक्ति को नष्ट कर देती है। इस तरह की किसी भी समस्या का समाधान उसका मूल कारण जानकर ही हो सकता है। मनुष्य ईश्‍वर की अनमोल कृति है। ईश्‍वर ने उसे हर समस्या एवं आपदा से लड़ने के लिए मन-मस्तिष्क, हाथ-पैर प्रदान किए है। अतः मनुष्य को उपयोगिता ज्ञात होनी चाहिए। जीवन को वापस प्राप्त कीजिए, यह बहुत बड़ी चुनौती है हमारे सामने। अमावस्या की अंधेरी रात हो, एक हाथ में सूई हो और दूसरे हाथ में धागा हो, अचानक बिजली चमके और हम सावधान रहकर सूई में धागा पिरो दे, ऐसी यह चुनौती है। हमें इसे स्वीकारना ही होगा। - Nitin Lakade - Prajapat Nagar, Indore

सकारात्मक सोच का मंत्र - Positive Thinking Mantra

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सकारात्मक सोच का मंत्र Positive Thinking Mantra महत्वकांक्षा व्यक्ति के जीवन में प्राण और शक्ति का संचार करती है, उसे क्रियाशील बनाती है तथा संघर्ष के लिए प्रेरणा देती है। ईश्‍वर उन्हीं का साथ देते हैं, जो मजबूत संकल्प से धनी होते हैं। चट्टान मजबूत होती है, पर इसे लोहा तोड़ देता है। सकारात्मक सोच एक ऐसा मंत्र है जिससे चुटकियों में ही व्यक्ति तनावमुक्त हो सकता है। ध्यान रखिए, आप नकारात्मक सोच से दूर हटकर सकारात्मक विषयों पर ध्यान केन्द्रित करके ही भय, आशंका, चिंता से मुक्ति पा सकते हैं। ईश्‍वर में आस्था रखों यह शब्द आपके जीवन को रोशन कर सकते हैं। इसमें एक ऐसी विद्यमान है, जिसे आप सहज ही अनुभव कर सकेंगे। भूखण्ड के दोष के कारण नाना प्रकार के प्रभाव आते हैं। भूखण्ड के दोष मन्दिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, कोठी, मकान, फ्लैट, कल-कारखाने सबको प्रभावित करते हैं। आइए हमारा साथ लीजिए, आपके विजय रथ को आगे बढाने में हम आपके सहयोगी बने। आशा सकारात्मक विचार की सूचक है। आशावान व्यक्ति का मन सफलता, सम्पन्नता और सुखमय जीवन का संदेश ग्रहण करता है। इसी से वह अपने लक्ष्य को पाने में सफलता प्राप्त करता है। बीते क...

एक रात बाइक पर घूमने निकला | Nitin Lakade Prajapat Nagar Indore - नितिन लकड़े इंदौर

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एक रात बाइक पर घूमने निकला इंदौर बायपास की वो रात - 2:17 AM 🏍️ 🌙 🛣️ रात के 12 बजे थे। घर में मन नहीं लग रहा था। मैंने अपनी पुरानी Pulsar निकाली और सोचा - चलो, थोड़ा इंदौर बायपास का चक्कर लगा आते हैं। हेलमेट पहना, और निकल पड़ा अकेला। सड़क खाली, ठंडी हवा, और बाइक की आवाज - मजा आ रहा था। रिंग रोड से होते हुए मैं रालामंडल की तरफ निकल गया। 1. सुनसान सड़क पर एक लड़का रालामंडल घाट पर पहुंचा तो देखा, एक 10-12 साल का लड़का हाथ दे रहा है। रात के 1:30 बजे, जंगल में बच्चा? मैंने बाइक रोकी। मैं बोला - "क्या हुआ छोटे, यहाँ क्या कर रहा है?" वो बोला - "भैया, मेरी साइकिल पंचर हो गई, घर छोड़ दोगे?" मुझे अजीब लगा, पर इंसानियत के नाते मैंने कहा - बैठ जा। वो पीछे बैठ गया। पर 2 मिनट बाद मुझे लगा - पीछे वजन ही नहीं है! शीशे में देखा तो पीछे कोई नहीं था! 🏍️ शीशे में कोई नहीं... फिर बाइक भारी क्यों चल रही है? 🏍️ 2. असली ट्विस्ट मैंने घबराकर बाइक तेज की। तभी पीछे से आवाज आई - ...

पार्टी में धूम मचा दी! | Nitin Lakade Indore - नितिन लकड़े इंदौर

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पार्टी में धूम मचा दी! 💃🕺 इंदौर के बबलू की शादी की वो रात 🎉 🎧 🎂 इंदौर के स्कीम नंबर 78 में बबलू की शादी की पार्टी थी। DJ लगा था, लाइटें चमक रही थीं, पर डांस फ्लोर खाली पड़ा था। सब लोग खाने में बिजी थे। बबलू का दोस्त पप्पू कोने में खड़ा होकर बोर हो रहा था। 1. एंट्री हुई हीरो की तभी पप्पू ने अपना चश्मा निकाला, जेब से रुमाल निकाला, और सीधा DJ के पास गया। उसने कान में कुछ कहा। DJ ने मुस्कुराते हुए गाना बजाया - "काला चश्मा!" पप्पू ने चश्मा पहना और बोला - "भाईयो और बहनो, खाना बाद में, पहले धूम मचाते हैं!" 2. फिर क्या था... पप्पू ने ऐसा डांस शुरू किया कि सब प्लेट छोड़कर देखने लगे। कभी नागिन डांस, कभी ब्रेक डांस! उसकी देखा-देखी छोटे बच्चे भी कूद पड़े, फिर आंटियां भी, फिर अंकल भी! 🤣 5 मिनट में पूरा हॉल डांस फ्लोर बन गया! 🤣 बुफे वाला भी चम्मच बजाकर नाचने लगा! बबलू खुद दूल्हे के कपड़ों में ही स्टेज पर आ गया। दुल्हन भी हँसते-हँसते ताली बजा रही थी। 3. असली धूम ...

एक सज्जन की छोटी कहानी: एक रोटी की कीमत | Naitik Kahani

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Nitin Lakade Prajapat Nagar, Indore (M.P.)  एक सज्जन की छोटी कहानी: एक रोटी की कीमत गांव के किनारे पंडित रामप्रसाद जी रहते थे। उम्र 60 साल, लेकिन दिल 20 साल के जवान जैसा। पूरा गांव उन्हें "सज्जन" कहता था। उनके पास ज्यादा पैसा नहीं था, पर इज्जत बहुत थी। सर्दी की रात और भूखा आदमी दिसंबर की कड़ाके की सर्दी थी। रात के 9 बजे पंडित जी खाना खाकर सोने वाले थे। तभी दरवाजे पर दस्तक हुई। दरवाजा खोला तो सामने 25 साल का एक नौजवान खड़ा था। कपड़े फटे हुए, पैर नंगे, और ठंड से कांप रहा था। वो बोला: "बाबा... 2 दिन से कुछ नहीं खाया। क्या थोड़ा पानी मिल जाएगा?" सज्जनता का फैसला पंडित जी के पास उस समय अपनी और पत्नी के लिए सिर्फ 2 रोटी और थोड़ी सब्जी बची थी। पत्नी ने धीरे से कहा: "जी, कल सुबह का इंतजाम क्या होगा?" पंडित जी मुस्कुराए और बोले: "जिसका पेट आज खाली है, उसका कल कौन सोचेगा? भगवान किसी का पेट खाली नहीं रखता।" उन्होंने थाली में से अपनी एक रोटी, पत्नी की एक रोटी और सारी सब्जी उस नौजवान को दे दी। साथ में एक पुरानी चादर भी ओढ़ा दी। नौजवान की ...