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PRIVACY या परिवार? मुश्किल वक्त में कौन काम आता है? Nitin Lakade Indore

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PRIVACY या परिवार? एक लड़का था… बहुत खुश रहता था कि उसकी जिंदगी में किसी की दखल नहीं है। उसका कमरा अलग, उसका मोबाइल अलग, उसकी परेशानियाँ अलग… और उसकी एक ही सोच थी— “मेरी जिंदगी है, मुझे पता है मुझे क्या करना है।” पर एक दिन जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जब उसे सच में किसी अपने की जरूरत पड़ी। दोस्त व्यस्त थे… सोशल मीडिया पर सैकड़ों लोग जुड़े थे, लेकिन मुश्किल समय में फोन करने वाला कोई नहीं था। तभी उसकी नजर माँ पर पड़ी। माँ ने कुछ पूछा नहीं… बस उसके पास बैठ गई। भाई ने बिना किसी सवाल के हाथ पकड़ लिया। Privacy जरूरी है, लेकिन रिश्तों से दूरी बनाना समझदारी नहीं है। हर बात सबको बताना जरूरी नहीं, लेकिन ऐसा भी मत कीजिए कि मुश्किल वक्त में आपके पास अपना कहने वाला कोई न बचे। क्योंकि जिंदगी के अच्छे दिनों में बहुत लोग आपके साथ दिखाई देते हैं… लेकिन असली अपने वही हैं, जो आपके बुरे वक्त में बिना बुलाए आपके पास खड़े हो जाते हैं। सोचिए… आपकी Privacy के पीछे आपका अपना परिवार है, या आपकी Privacy ने आपको परिवार से ह...

सब कुछ होते हुए भी हम दुखी क्यों हैं? | प्रेरणादायक हिंदी कहानी | जो है उसकी कीमत समझो | Nitin Lakade

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शीर्षक: गरीब माली और राजा का सबसे बड़ा सबक एक बहुत बड़े राज्य का राजा था। उसके पास धन-दौलत की कोई कमी नहीं थी। विशाल महल, हजारों सैनिक, सोने-चाँदी के खजाने और अनगिनत सेवक—सब कुछ था। लेकिन राजा की एक आदत बहुत खराब थी। उसे लगता था कि दुनिया में पैसे से सब कुछ खरीदा जा सकता है। राजा अक्सर अपने मंत्रियों से कहता— “जिसके पास धन है, उसके पास सम्मान है। जिसके पास धन नहीं, उसका कोई मूल्य नहीं।” मंत्री राजा की हर बात में हाँ मिलाते थे। क्योंकि कोई भी राजा को नाराज़ नहीं करना चाहता था। महल के पीछे एक बहुत सुंदर बगीचा था। उस बगीचे की देखभाल एक बूढ़ा माली करता था, जिसका नाम हरिदास था। हरिदास गरीब था। उसके कपड़े साधारण थे और उसका छोटा-सा घर था। लेकिन वह हमेशा खुश रहता था। वह सुबह सूरज निकलने से पहले बगीचे में पहुँच जाता। फूलों को पानी देता, सूखे पौधों को हटाता और नए पौधे लगाता। वह पौधों से ऐसे बातें करता था, जैसे वे उसके अपने बच्चे हों। एक दिन राजा बगीचे में घूम रहा था। उसने देखा कि हरिदास एक छोटे-से पौधे के पास बैठा मुस्कुरा रहा है। राजा ने पूछा— “हरिदास, तुम्हारे पास न धन है, न बड़ा घर, न कीमती ...